नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ तीन वैक्सीन के सहारे जंग जारी है। कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक-वी का टीका भारत में लगाया जा रहा है। हालांकि, कोविड टीकों की आपूर्ति में देरी और सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर कुछ देशों ने दूसरी खुराक में अलग वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वहीं, कई देशों में मिश्रित खुराक के इस्तेमाल की संभावनाएं खंगालने के लिए क्लीनिकल आजमाइश तेज कर दी गई है। तो चलिए जानते हैं किस देश में मिश्रित खुराकें दी जा रही हैं। जिन लोगों को पहली खुराक के तौर पर एस्ट्राजेनेका का टीका लगाया गया है, उन्हें दूसरी डोज के रूप में फाइजर या मॉडर्ना की वैक्सीन लगाने की सिफारिश की। लाभार्थियों को कैनसाइनो बायोलॉजिक्स और चोंगकिंग झिफेई बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स की ओर से विकसित अलग-अलग टीके लगाने की संभावनाएं खंगाल रहा।65 साल से कम उम्र के उन लाभार्थियों को दूसरी खुराक के रूप में अलग वैक्सीन लगाने की इजाजत दी, जिन्हें पहली डोज में एस्ट्राजेनेका का टीका हासिल हुआ था।स्वास्थ्य नियामक ने एस्ट्राजेनेका के टीके की पहली खुराक प्राप्त करने वाले 55 साल से कम उम्र के लाभार्थियों को दूसरी डोज में एम-आरएनए आधारित अन्य वैक्सीन लगाने की सिफारिश की।

Previous articleसोनिया गांधी कर सकती हैं अपनी टीम अहम बदलाव
Next articleभारतीय नौसेना की परमाणु क्षमता से संपन्न इकलौती पनडुब्बी वापस रूस लौटी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here