लंदन। टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच 18 से 22 जून को साउथम्पटन में खेले जाने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप मुकाबले पर सबकी नजरें लगी हुई हैं। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। इसका कारण हाल में उसके अच्छे प्रदर्शन के साथ ही पुराने आंकड़े भी हैं। अब तक देखा गया है कि विदेशी मैदान हमेशा से ही टीम इंडिया को रास आये हैं। भारतीय टीम ने पहला खिताब विदेशी जमीन पर ही जीता था। इतना ही नहीं इंग्लैंड के मैदान टीम इंडिया के लिए अच्छे साबित हुए हैं। ऐसे में विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया एक बार फिर यहां जीत दर्ज कर पुराने रिकार्ड को बनाये रखना चाहेगी।
टीम इंडिया ने साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहली आईसीसी एकदिवसीय ट्रॉफी भी जीती थी। कपिल देव की कप्तानी में टीम ने तब एकदिवसीय विश्व कप में वेस्टइंडीज को हराकर सबको हैरान कर दिया था। टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी का पहला खिताब भी श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में जीता थी। साल 2002 में बारिश के कारण दो दिन हुए फाइनल का परिणाम नहीं निकल सका था। ऐसे में दोनों टीमें संयुक्त विजेता बनी थीं। तब गांगुली ही टीम के कप्तान थे।
टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप का पहला खिताब भी विदेशी जमीन पर ही जीता था। 2007 में टूर्नामेंट के पहले सीजन के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका में हुए. जोहानिसबर्ग में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 5 रन से हराया था। महेन्द्र सिं धोनी टीम के कप्तान थे।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए 23 जून को एक रिजर्व डे भी रखा गया है पर इसका इसका उपयोग तभी होगा जबकि पांच दिन में खेल के पूरे ओवर नहीं हो सकेंगे। इसका फैसला मैच रेफरी करेगा. अगर मैच ड्रॉ या टाई होता है तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगी। अब तक सिर्फ एक बार 2002 में भारत और श्रीलंका के बीच हुए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में संयुक्त विजेता देखने को मिला था.
विराट बतौर कप्तान अब तक एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सके हैं। ऐसे में वे इस कमी को दूर करना चाहेंगे। टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के ओवरऑल क्रिकेट रिकॉर्ड को देखें तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी नजर आता है। दोनों के बीच तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 185 मुकाबले गए हैं। इसमें टीम इंडिया को 82 में जीत मिली है जबकि न्यूजीलैंड ने 69 मैच जीता है।

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