नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी भाजपा के अलीपुरद्वार से सांसद जॉन बारला के अलग राज्य वाले बयान के बाद से पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। अब तृणमूल कांग्रेस के नेता ज़कारिया हुसैन ने जॉन बारला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पश्चिम बंगाल की सरकार उत्तर बंगाल के जिलों से मोटी कमाई करती है, लेकिन उसके विकास पर ध्यान नहीं देती है। बंगाल सरकार की नीतियों की वजह से दार्जीलिंग, कलिम्पोंग समेत उत्तर बंगाल के तमाम जिले उपेक्षित हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि उत्तर बंगाल को बंगाल से अलग करके केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दे दिया जाये। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी इसकी मांग करेंगे। पश्चिम बंगाल के विभाजन से संबंधित जॉन बारला के इस बयान के बाद से सियासी संग्राम मचा हुआ है। इससे पहले कांग्रेस तथा अन्य सियासी दलों ने भी पश्चिम बंगाल विभाजन के विरोध की बात कही थी। बता दें कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कहा जा रहा है कि दार्जीलिंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरदुआर, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दनाजपुर को मिलाकर अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाया जा सकता है। नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने के पीछे तर्क यह भी दिया जा रहा है कि बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते बंगाल में होने वाली घुसपैठ चिंता का विषय है। इतना ही नहीं, चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच ड्रैगन से भी असुरक्षा का भाव है। इसलिए सरकार को बंगाल के इन 7 जिलों को मिलाकर नया केंद्रशासित प्रदेश बना देना चाहिए, ताकि घुसपैठ आदि के मुद्दे पर राज्य के साथ कोई विवाद न रह जाये।

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