नई दिल्ली। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी एनएचए के प्रमुख आर. एस. शर्मा ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि कोरोना टीकाकरण के लिए कोविन पर पूर्व पंजीकरण से कई लोग टीकों से वंचित रह जाएंगे। क्योंकि सच्चाई यह है कि अभी तक 30 करोड़ से भी अधिक टीके लग चुके हैं लेकिन इनमें से 80 फीसदी टीके स्पॉट रजिस्ट्रेशन के जरिये लगाए गए। यानी लोग केंद्र पर गए। वहीं पर हाथ के हाथ उनका पंजीकरण हुआ और टीके लगे। कोविन पर पूर्व पंजीकरण के रूप में एक सुविधा प्रदान की गई है जिसका इस्तेमाल अभी तक करीब 20 फीसदी टीकों के लिए ही हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग टीका लगाने के इच्छुक हैं, उनके लिए पूर्व पंजीकरण की कोई अनिवार्यता नहीं है। उनके लिए सारे दरवाजे खुले हैं। वे जिस भी केंद्र पर जाएंगे, उन्हें टीका लगेगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं कि वे टीके लगाते समय कोविन पर डाटा अपडेट नहीं कर रहे हैं। वे लोगों को टीका लगाने का एक अस्थाई प्रमाण पत्र या रशीद प्रदान कर रहे हैं। कई दिन बाद भी आंकड़े अपडेट नहीं हो रहे। यह गलत है। रशीद या अस्थाई प्रमाण पत्र की अनुमति राज्यों को नहीं दी गई है। राज्यों को कहा गया है कि वह जैसे ही टीका लगता है उसे कोविन पोर्टल पर अपडेट करें ताकि तुरंत टीका लगाने वाले व्यक्ति को एसएमएस जाए और वह अपना टीकाकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कोरोना टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर आधार वेरीफिकेशन के जरिये पंजीकरण कराया है, उनकी डिजिटल हेल्थ आईडी भी हाथ के हाथ जारी कर दी गई है। टीकाकरण प्रमाण पत्र में आईडी नंबर भी दिया गया है। हाल में प्रमाण पत्र में सुधार का विकल्प दिया है। अब पासपोर्ट को लिंक करने की सुविधा भी दी जा रही है ताकि जो लोग विदेश जाना चाहते हैं, उन्हें सुविधा हो। उन्होंने कहा कि डिजिट हेल्थ मिशन के तहत पायलट प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया है। इसे अब देश भर में शुरू किया जाना है। इसके लिए सरकार के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। इसके तहत डिजिटल हेल्थ आईटी, स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर, फार्मेसी, लेबोरेटरी के आंकड़ों को एक डिजिटल प्लेटफार्म पर लाना है।

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