नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कोरोना वायरस महामारी के दौरान योग गुरु रामदेव द्वारा एलोपैथिक दवाओं पर दिए गए बयान के मूल रिकार्ड की जांच करेगा। रामदेव ने मामले की जांच पर रोक लगाने और इस सिलसिले में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को दिल्ली स्थानांतरित करने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आइएमए द्वारा शिकायत किए जाने के बाद पटना और रायपुर में योग गुरु के खिलाफ कई एफआइआर दर्ज की गई हैं। रामदेव द्वारा एलोपैथिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर की गई टिप्पणियों के मामले में आइएमए ने बिहार और छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। आइएमए की पटना और रायपुर शाखा ने कहा कि उनकी टिप्पणी कोरोना नियंत्रण तंत्र के प्रति दुर्भावनापूर्ण है। इससे लोग कोरोना के उचित इलाज से विमुख हो सकते हैं। योग गुरु के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के विभिन्न प्रविधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।














