गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले के लोनी में बुजुर्ग के साथ मारपीट के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने पहली बार ट्विटर इंडिया के पूर्व स्थानीय शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर को नोटिस जारी किया है। धर्मेंद्र चतुर का नाम ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी ने पुलिस को बताया है। इसी प्रकार मुकदमे में पहली बार कांग्रेस नेत्री डॉ. शमा मोहम्मद, मीडिया संस्थान द वायर के मालिक सिद्धार्थ वर्दराजन के नाम से भी नोटिस जारी किया गया है। अब तक डॉ. शमा मोहम्मद का नाम इस मामले में शामिल नहीं था। वहीं द वायर की ओर से नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर कंपनी के मालिक के खिलाफ नोटिस जारी हुआ है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. ईरज राजा ने बताया कि वायरल वीडियो मामले में आरोपियों को पहले ही सीआरपीसी की धारा-91 के तहत नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद मोहम्मद जुबैर, शबा नकवी और राना अय्यूब ने लोनी बॉर्डर कोतवाली पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। वहीं बाकी आरोपी नोटिस अवधि में हाजिर नहीं हुए। ऐसे में गाजियाबाद पुलिस ने इन सभी आरोपियों को एक बार फिर से सीआरपीसी की धारा-41ए के तहत नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर हाजिर होने को कहा है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के मुताबिक, अब तक ट्विटर इंडिया के नाम से नोटिस दिया जा रहा था, लेकिन ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी ने बताया कि इस घटनाक्रम के वक्त ट्विटर इंडिया ने भारत में स्थानीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति कर दी थी। ऐसे में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए वही जिम्मेदार होंगे, इसलिए पुलिस ने अब तत्कालीन शिकायत अधिकारी धर्मेंद्र चतुर के नाम नोटिस जारी किया है। ठीक इसी प्रकार से मीडिया संस्थान द वायर की ओर से नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने द वायर के मालिक सिद्धार्थ वर्दराजन के खिलाफ नामजद नोटिस जारी करते हुए तलब किया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के मुताबिक, कांग्रेस के तीन नेताओं- मक्सूर उस्मानी, डॉ. शमा मोहम्मद और सलमान निजामी को नोटिस दिया गया था, लेकिन इन तीनों नेताओं ने पुलिस के नोटिस की उपेक्षा की है और अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। ऐसे में पुलिस ने एक बार फिर इन्हें मौका देते हुए सीआरपीसी की धारा-41ए के तहत नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर लोनी बॉर्डर कोतवाली में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर पुलिस इन तीनों नेताओं के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी कराएगी। ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी की याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। इस याचिका पर 29 जून को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तारीख मुकर्रर कर दी थी। इस सुनवाई में गाजियाबाद पुलिस के प्रतिनिधि भी अपना पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि गाजियाबाद पुलिस की ओर से जारी सीआरपीसी की धारा-41ए के नोटिस के खिलाफ मनीष माहेश्वरी ने कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां से उन्हें गिरफ्तारी से फिलहाल राहत मिली हुई है।














