नई दिल्ली। एक अघ्ययन से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि भारत में 1971 से 2019 तक 50 सालों में हीट वेव्स की वजह से 17 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं1 ये अध्ययन मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेस के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किया है। इस स्टडी के मुताबिक, 50 सालों में मौसमी घटनाओं के कारण 1.41 लाख लोगों की जान गई है। इनमें से 17,362 लोग ऐसे थे जिनकी मौत हीट वेव्स के कारण हुई। 2020 जब खत्म हुआ तो मौसम विभाग ने एक रिपोर्ट जारी की। इसमें उसने बताया कि 1901 के बाद 2020 8वां सबसे गर्म साल रहा था। 2020 में देश का तापमान 0।29 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया था। इससे पहले 2019 में 0.36 डिग्री और 2018 में 0.41 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ा था! बढ़ती गर्मा या तापमान सिर्फ हमारी हेल्थ या हमारी जान के लिए ही खतरा ही नहीं है! बल्कि नौकरियों के लिए भी बड़ा खतरा है। 2019 में इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट आई थी।
इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 2030 तक बढ़ती गर्मी की वजह से दक्षिण एशिया में 4.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो जाएंगी। इसका सबसे ज्यादा भारत पर होगा, जहां 3.4 करोड़ नौकरियां खत्म हो सकती हैं।इस रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती गर्मी की वजह से काम के घंटों में कमी आएगी. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित मजदूर होंगे और इससे उनकी नौकरी पर खतरा बढ़ जाएगा। दिल्ली में कुछ दिन पहले तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। उस वक्त मौसम विभाग ने हीट वेव की चेतावनी जारी कर दी थी। ये हाल उस वक्त था जब देश में मॉनसून का इंतजार हो रहा था। जून-जुलाई के महीने में ऐसी गर्मी पड़ेगी, इस बारे में शायद किसी ने सोचा नहीं होगा। लेकिन सच तो ये है कि धरती तेजी से गर्म हो रही है और इससे ज्यादा गर्मी देखने को मिलने का डर है।














