अहमदाबाद| 16 लाख रुपए वेतन और 16 लाख रुपए ग्रेच्युटी के नहीं मिलने पर पूर्व सरकारी कर्मचारी ने राज्य के जल संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर खुद को भगवान विष्णु का कल्की अवतार करार देते हुए कहा है कि कोरोना मेरा सुदर्शन चक्र है| उनकी ग्रेच्युटी और वेतन जल्द से जल्द जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह अपनी दिव्य शक्तियों का उपयोग कर इस साल गंभीर सूखा लाएंगे| बता दें कि अवतार होने का दावा कर लंबे समय तक कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण रमेशचंद्र फेफर को सरकारी सेवा से समय से पहले ही सेवा निवृत्त कर दिया गया था| फेफर राज्य के जल संसाधन विभाग के सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी में अधीशाषी अभियंता के तौर पर वडोदरा कार्यालय में सेवरत थे| 8 महीने में केवल 16 दिन कार्यालय आने के बाद उन्हें 2018 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था| जल संसाधन विभाग को लिखे पत्र में फेफर ने कहा है कि सरदार सरोवर नर्मदा निगम पुनर्वास एजेंसी में मेरी प्रतिनियुक्ति के दौरान एक साल का रु. 16 लाख का वेतन बकाया है| इस एक साल के दौरान मैंने वर्क फ्रोम होम किया था और इस प्रकार कोरोनाकाल में किए गए काम का वेतन चुकाया जाना चाहिए| उन्होंने पत्र में लिखा कि मैं कल्की अवतार हूं और मेरी तपस्या के कारण पिछले 20 साल से लगातार बारिश भारत में हो रही है| 20 साल में एक भी साल सूखा नहीं पड़ा| 20 साल हुई अच्छी बारिश के कारण हिन्दुस्तान को 20 लाख करोड़ का फायदा हुआ है| इसके बावजूद सरकार में बैठे राक्षस अन्याय कर रहे हैं| इसलिए अब मैं समूचे विश्व में भीषण सूखा लाऊंगा| रमेशचंद्र फेफर ने पत्र में लिखा कि कोरोना उनका अपना ही सुदर्शन चक्र है, जो विश्व के 750 करोड़ लोगों का विनाश करेगा| जो लोग राम राम का जाप करेंगे वह बच जाएंगे| बारिश को लेकर फेफर ने दावा किया है कि इस साल भयंकर सूखा पड़ेगा, जिससे बचने के लिए किसान अभी से भगवान का नाम लेना शुरू कर दें| पत्र के संदर्भ में जल संसाधन विभाग के सचिव एमके जादव कहना है कि फेफर कार्यालय आए बगैर वेतन की मांग कर रहे हैं| वह कह रहे हैं कि उन्हें सिर्फ इसलिए वेतन दिया जाना चाहिए कि वह कल्की अवतार हैं और धरती पर वर्षा लाने के लिए काम कर रहे हैं| जादव ने कहा कि उन्हें फेफर का पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने ग्रेच्युटी और एक वर्ष के वेतन की मांग की है| उनकी ग्रेच्युटी का मामला प्रक्रिया में है|














