नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर से मॉब लिंचिंग पर दिए बयान के बाद एआईएमआईएम चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि लिंचिंग का शिकार हर बार मुसलमान ही बनते हैं और ये नफरत हिंदुत्व की देन है जिसे सरकार का समर्थन हासिल है। असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को ट्वीट करते हुए संघ प्रमुख के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसके अलावा उन्होंने अखलाख और आसिफ का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी पर भी हमला बोला है। ओवैसी से आरोप लगाया कि लिंचिंग में शामिल मुजरिमों को सरकार सह देने का काम करती है। ओवैसी ने मुस्लिमों की लिंचिंग का आरोप लगाते हुए कहा, ‘कायरता, हिंसा और क़त्ल करना गोडसे की हिंदुत्व वाली सोच का अटूट हिस्सा है। मुसलमानों की लिंचिंग भी इसी सोच का नतीजा है।’ उन्होंने कहा कि ‘केंद्रीय मंत्री के हाथों अलीमुद्दीन के कातिलों की गुलपोशी हो जाती है।
अखलाक़ के हत्यारे की लाश पर तिरंगा लगाया जाता है। आसिफ़ को मारने वालों के समर्थन में महापंचायत बुलाई जाती है। जहां भाजपा का प्रवक्ता पूछता है कि क्या हम मर्डर भी नहीं कर सकते? संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रविवार को कहा कि लिंचिंग की घटनाओं में लोगों पर हमला बोला और कहा कि ऐसे लोग हिन्दुत्व के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि बगैर एकता के देश का विकास संभव नहीं है और इस एकता का आधार राष्ट्रवाद होना चाहिए। भागवत ने इसके अलावा मुस्लिमों से डर की भावना को दूर करने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीयों का डीएनए एक है और मुसलमानों को डर के इस चक्र में नहीं फंसना चाहिए कि भारत में इस्लाम खतरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मुसलमानों से देश छोड़ने को कहते हैं, वे खुद को हिन्दू नहीं कह सकते।














