नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने सर तख्तसिंहजी अस्पतालभावनगर, गुजरात में दो पीएसए संयंत्रों का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर परकेंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवालभी उपस्थित थे। 1000-1000 एलपीएम क्षमता के इन दो ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों के साथ-साथ कॉपर पाइपिंग नेटवर्क, अग्निशमन प्रणाली और स्वचालित ऑक्सीजन स्रोत परिवर्तन प्रणाली जैसी सहायक सुविधाओं का भी उद्घाटन किया गया। केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर और केंद्रीय पर्यटन,बंदरगाह,शिपिंग और जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
मनसुख मंडाविया ने कहा कि यह सुविधा भावनगर के लोगों को समर्पित है। अभी हाल में अन्‍य जगहों पर भी इसी तरह की सुविधाओं का उद्घाटन किया है, जिनसे देश को संकट की इस घड़ी में मदद मिलेगी। मंडाविया ने कहा कि लोगों कोकोविड से सुरक्षित रखने के लिए “समग्र समाज” दृष्टिकोण के माध्यम से देश ‘लोक-भागीदारी’ की भावना से काम कर रहा है।उन्‍होंने कहा कि कोविड की पहली लहर को परास्‍त करने के लिए लॉकडाउन के दौरान कोविड अनुकूलव्यवहार और सुरक्षित दूरी मानदंडों को बनाए रखने में जनता ने काफी सहयोग किया। उन्होंने कहाकि यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के विभिन्न हितधारकों के मध्‍यअच्‍छे सहयोग का ही प्रमाण है कि हमने अपनी ऑक्सीजन क्षमता को कम समय में ही 4000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 12,000 मीट्रिक टन से अधिक कर दिया है। मंडाविया ने कहा कि हमने कोविड की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की आपूर्ति, अस्पताल के बिस्तर और दवाओं आदि के बारे में बहुत कुछ सीखा है। अब हमने आपात स्थिति में हर जिले में अति आवश्‍यक स्‍वास्‍थ्‍य चिकित्सा उपकरणों को खरीदने के लिए पर्याप्त धन सुनिश्चित किया है। कैबिनेट ने हाल ही में कोविड-19 आपातकालीन जरूरत के लिए 23,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मंजूरी दी है। बच्चों के प्रभावी देखभाल के लिए सभी अस्पतालों में पर्याप्त प्रावधान किए हैं। हमने राज्य और केंद्र स्तर पर बफर स्टॉक की एक प्रणाली भी विकसित की है, जिसका किसी भी संकट की स्थिति में उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार, इस कोविडपैकेज के माध्यम से अगले 6 महीनों में एक व्यापक योजना और क्षमता निर्माण किया जाएगा।

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