नई दिल्ली। ग्रहमंत्री अमित शाह 10 जुलाई से गुजरात की तीन दिनों की यात्रा पर हैं। उन्होंने महामारी से प्रभावित लोगों के लिए केंद्र सरकार की मुफ्त अनाज वितरण योजना के बारे में युवाओं और सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवियों से लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने इससे पहले दिन में गांधीनगर जिले में दो अलग कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए यही अपील की। शाह ने कहा, ‘कोरोना वायरस मानवता के समक्ष एक बड़ी चुनौती है और भारत ने यह लड़ाई बखूबी लड़ी है। यदि आप मृत्यु दर की तुलना अन्य देशों से करेंगे तो आप पाएंगे कि भारत इस स्थिति से एक विजेता के रूप में बाहर आया है।’ वह गांधीनगर के अदलाज गांव स्थित स्वामीनारण मंदिर परिसर में एक सामुदायिक केंद्र के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने कहा, ‘किसी को भी यह नहीं मानना चाहिए कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई खत्म हो गई है। इस लड़ाई को जीतने का एकमात्र रास्ता लोगों का 100 फीसदी टीकाकरण करना है। हालांकि, कुछ समुदाय अभी भी टीका लगवाने से हिचक रहे हैं। लोगों के मन से यह डर नहीं निकल पा रहा है कि टीकों का उन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। शाह ने कहा, हमें इस हिचक को दूर करने और कोविड-19 का टीका लगवाने के फायदे के बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। मैं सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवियों से इस उद्देश्य के लिए गांवों को गोद लेने और जागरूकता अभियान शुरू करने की अपील करता हूं। इससे पहले, अमित शाह राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सफाईकर्मियों जैसे कोविड योद्धाओं को राशन किट मुहैया करने में दान देने वालों को प्रोत्साहित किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस योजना पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। महामारी के मद्देनजर इस साल मार्च में यह योजना शुरू हुई थी, जिसके तहत नवंबर तक हर महीने गरीब परिवार के हर व्यक्ति को पांच किग्रा अनाज दिया जा रहा है। अमित शाह ने आज सुबह जिले के नारदीपुर गांव में एक झील के सौंदर्यीकरण परियोजना की शुरूआत की। बाद में उन्होंने गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल में एक मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन किया।














