नई दिल्ली। मोदी सरकार ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के दौरान 30 बिलों को पारित कराने की योजना बनाई है। महज 19 दिनों के सेशन में 30 बिल लाने का अर्थ है कि हर दिन एक से ज्यादा विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा। सरकार की ओर से जो बिल पेश किए जाने हैं, उनमें मानव तस्करी विधेयक और केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक शामिल हैं। इन 30 विधायकों में से 17 बिल नए होंगे और 13 विधेयक संशोधन के लिए लाए जाएंगे। यूं तो संसद के मॉनसून सत्र की अवधि 26 दिनों की है लेकिन अगर छुट्टियां हटा दी जाएं तो कामकाज सिर्फ 19 दिन ही चलेगा। इस तरह से संसद में 19 दिनों में मोदी सरकार को 30 बिल पास करवाने हैं। इस बार पेश होने वाले बिलों में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में बदलाव शामिल है। इस बिल का उद्देश्य कर्ज में घिरे कॉरपोरेट्स को आसान तरीके से कम समय में दिवाला प्रक्रिया पूरा करने की अनुमति देना है। सरकार राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता के प्रबंधन को लेकर भी एक बिल पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश की राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बढ़ाना होगा। साथ ही सेंट्रल यूनिवर्सिटी अमेंडमेंट बिल भी पेश किया जाएगा, जो यूनियन टेरिटरी लद्दाख में यूनिवर्सिटी खोलने की मंजूरी देगा। मॉनसून सत्र में जब विपक्ष की ओर से सरकार को कोरोना समेत अन्य मसलों पर घेरने की तैयारी है, तब केंद्र सरकार के सामने इन विधेयकों को पास करवाना मुश्किल हो सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि संसद का सत्र पहले की सुबह 11 बजे से शाम के 6 बजे तक चलेगा। पिछले कुछ सत्रों में, कोरोना महामारी को देखते हुए संसद के दोनों सदनों का कार्यकाल कुछ कम कर दिया गया था। राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलती थी और लोकसभा की कार्यवाही शाम 4 बजे से शुरू होती थी। संसद के मॉनसून सत्र में इस बार भी सदन चलाने के दौरान कोरोना गाइडलाइन्स का पालन किया जाएगा। संसद में आने वाले अधिकतर सांसदों ने वैक्सीन की डोज ले ली है, इसके अलावा आरटी-पीसीआर टेस्ट की भी तैयारी की गई है। बता दें कि संसद की मॉनसून सत्र 19 जुलाई से शुरू होगा और यह 13 अगस्त तक चलेगा।

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