तिरुवंनतपुरम। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता पैदा करने और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को खत्म करने के लिए राजभवन में बुधवार को एक दिवसीय उपवास शुरू किया। केरल के इतिहास में शायद यह पहली बार है, जब कोई राज्यपाल इस तरह के सामाजिक मुद्दे के लिए उपवास कर रहा है। वह विवाह के हिस्से के रूप में दहेज लेने और देने की प्रथा के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न गांधीवादी संगठनों के आह्वान के बाद उपवास कर रहे हैं।सूत्रों ने बताया कि खान ने सुबह आठ बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक उपवास करेगा।
राज्यपाल अनशन समाप्त करने से पहले शाम को गांधी भवन में आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा में भी हिस्सा लेने वाले है। गांधी भवन में भी सुबह से शाम तक अनशन चल रहा है। खान ने वीडियो संदेश जारी कर कहा था केरल सरकार की ‘स्त्री पक्ष केरल पहल दहेज और ऐसी अन्य कुरीतियों को रेखांकित कर हमारी महिलाओं की गरिमा को सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर देती है। गांधीवादी संगठनों ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को समाप्त करना और केरल को उनके लिए एक सुरक्षित स्थान बनाने की आवश्यकता पर जोर देना है।














