नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार की यह पूरी कोशिश रहेगी कि पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स एफएटीएफ की काली सूची में बरकरार रहे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को यह बात कही। वह विदेश नीति पर आयोजित एक वर्चुअल ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान भाजपा नेताओं को संबोधित कर रहे थे। एस जयशंकर ने कहाकि भारत की पूरी कोशिश रहेगी कि पड़ोसी देशों के साथ उसके रिश्ते सौहाद्रपूर्ण बने रहें। साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि आतंकवाद वैश्विक मुद्दा बना रहे। बताया जाता है कि संसद के मॉनसून सत्र से पूर्व भाजपा नेताओं को विदेश नीति पर अहम जानकारियां देने के लिए यह खास ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया था पाकिस्तान एफएटीएफ की काली सूची में है। हमने पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाया है। यह विभिन्न तरीकों से डाले गए हमारे दबाव का ही नतीजा है कि पाकिस्तान ने अपने व्यवहार में सुधार किया है। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री ने भारत सरकार को इस बात का क्रेडिट दिया कि उसने संयुक्त राष्ट्र संघ के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया कि वह लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करे। जानकारी के मुताबिक यह ट्रेनिंग कार्यक्रम भाजपा के सांसदों को हाल ही में विदेश नीति के तहत उठाए कदमों के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया था। ताकि मॉनसून सेशन के दौरान विदेश नीति को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब वो दे सकें। पिछले महीने एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अधिक निगरानी वाली सूची में डाल दिया था। यह कदम पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद रोकने की दिशा में जरूरी कदम उठाने में नाकाम रहने पर उठाया गया था। पाकिस्तान को इस लिस्ट से बाहर आने के लिए कुल 27 टास्क दिए गए थे, लेकिन वह केवल 26 टास्क ही पूरा कर पाया था। वहीं टेरर फाइनेंसिंग वॉचडॉग ने भी पाक को छह टास्क की लिस्ट दी थी, पाकिस्तान इन्हें भी पूरा करने में नाकाम रहा था। इनमें से ज्यादातर टास्क मनी लॉड्रिंग पर एक्शन से जुड़े थे। जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी के निजी प्रयासों की बदौलत जी7 और जी20 देशों ने यह महसू

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