नई दिल्ली। इजरायली स्पाइवेयर पेगासस के जरिए अवैध फोन टैपिंग के आरोपों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर फैसला करने के लिए विपक्षी दल कल सुबह संसद भवन में बैठक करेंगे। बैठक सुबह 10 बजे शुरू होगी। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग की है। आपको बता दें कि राज्यसभा में ‘कोविड प्रबंधन’ पर भी चर्चा होने की संभावना है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस लिस्ट में राहुल गांधी, प्रशांत किशोर समेत दो केंद्रीय मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। बताया गया है कि इस लिस्ट में राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल होने वाले दो फोन नंबर्स हैं। दावा है कि पेगासस नाम के जासूसी सॉफ्टवेयर को इजरायल की संस्था एनएसओ ग्रुप ने डेवलप किया है। इसके बाद उसने इसे एक आधिकारिक भारतीय ग्राहक को बेच दिया था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पेगासस की लिस्ट में राहुल गांधी के पांच दोस्तों और परिचितों के फोन नंबर भी शामिल हैं। हालांकि इन पांचों लोगों की राजनीति या जनता से जुड़े मामलों में कोई भूमिका नहीं है। इस बीच रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास ने कहा है कि राहुल गांधी को 2019 लोकसभा चुनाव के समय से ही पेगासस टारगेट पर लिया गया है। कुछ अन्य नामों में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिस्ट में है। गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत में प्रशांत किशोर और अभिषेक बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। इनके भी कुछ नजदीकियों के फोन पेगासस की लिस्ट में शामिल थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा डिजिटल फोरेंसिक एनालिसिस में तकनीकी सुरक्षा से जुड़ी यह खामी सामने आई है। हालांकि इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि इनके मोबाइल फोन से हकीकत में छेड़खानी की गई है या नहीं। इस बात की पुष्टि तब होगी, जब इन सभी के मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।














