नई दिल्ली। 20 जुलाई को प्रकाशित ईपीएफओ के अनंतिम पेरोल डाटा से पता चलता है कि ईपीएफओ ने मई, 2021 के दौरान कुल 9.20 लाख सदस्य जोड़े हैं। कोविड-19 की दूसरी लहर के संकट के बावजूद देश भर में, ईपीएफओ वर्तमान वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में अपने कुल सदस्यता आधार में 20.20 लाख की बढ़ोतरी करने में सफल रहा है। पेरोल डाटा से संकेत मिलते हैं कि पेरोल विस्तार पर कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का असर उतना गंभीर नहीं रहा है, जितना पहली लहर में रहा था। ईपीएफओ द्वारा ऑनलाइन दावे जमा करने, ऑटो-क्लेम निस्तारण, पीएफ खाते का ऑनलाइन हस्तांतरण, शिकायत समाधान को मजबूती देना और मोबाइल डिवाइस पर सेवाएं आदि विभिन्न ई-पहलों के साथ ही एबीआरवाई और पीएमजीकेवाई योजनाओं के रूप में भारत सरकार के समयबद्ध समर्थन को श्रेय दिया जा सकता है। महीने के दौरान जुड़े कुल 9.20 लाख सदस्यों में से, लगभग 5.73 लाख नए सदस्य पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि योजना के दायरे में आए हैं। महीने के दौरान, लगभग 3.47 सदस्य इससे अलग हो गए, लेकिन नौकरी में बदलाव के साथ ही फिर से ईपीएफओ के दायरे में आने वाले संस्थानों से जुड़ गए और उन्होंने अपनी पीएफ जमा में से अंतिम निकासी के बजाय कोष के हस्तांतरण के माध्यम से योजना के तहत अपनी सदस्यता को बरकरार रखा है। पेरोल डाटा की उम्र के आधार पर तुलना करें तो, मई, 2021 के दौरान 2.39 लाख नए सदस्यों के साथ 22-25 वर्ष के आयु वर्ग में सबसे ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया। इसके बाद लगभग 1.90 लाख कुल नामांकन के साथ 29-35 आयु वर्ग के लोग रहे। लिंग आधार पर विश्लेषण से पता चलता है कि महीने के दौरान जुड़े कुल नए सदस्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 21.77 प्रतिशत रही है।

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