- कहा, तालिबान ने इस तरह के हमलों को अंजाम देकर हिंसा को एक नया मोड़ दे दिया
नई दिल्ली। अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय ने हेरात स्थित संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। अफगानिस्तान ने तालीबान द्वारा संयुक्त राष्ट्र परिसर पर सशत्र हमले की आलोचना करते हुए हुए कहा कि तालिबान ने इस तरह के हमलों को अंजाम देकर हिंसा को एक नया मोड़ दे दिया है। इसके खतरनाक परिणाम सामने आए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले अफगानिस्तान में अंतराष्ट्रीय संगठनों की उपस्थिति और उनके कार्यों को गंभीर रूप से खतरे में डाल देगी। तालिबान जो अपराध कर रहा है जैसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों का व्यापक उल्लंघन, नागरिकों की मनमानी हत्या, कैदियों की हत्या, महिलाओं को कोड़े मारना और अब संयुक्त राष्ट्र पर हमला करना, ये सब साबित करता है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और दायित्यों का पालन नहीं कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरेस ने भी अफगानिस्तान के हेरात में संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय पर हमले की निंदा की है।
उन्होंने कहा कि विश्व संगठन के कर्मियों और कार्यालयों पर इस तरह के हमले का अंतराष्ट्रीय कानून प्रतिबंधित हैं और ऐसे हमले को युद्ध अपराध भी माना जा सकता है। महासचिव एंतोनियो गुतरेस के प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि महासचिव अफगानिस्तान के हेरात में हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के परिसर पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। इस हमले में एक अफगानी सुरक्षा गॉर्ड की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग बुरी तरह से घायल हो गए है1 संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की और इसके साथ ही घायलों के जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई। वहीं दूसरी तरफ यूएन मिशन की प्रमुख डेबराह लियोन्स ने कहा कि इस हमले में शामिल दोषियों की पहचान होनी चाहिए और उन्हें कोर्ट में पेश करके सजा देनी चाहिए।














